रिपोर्ट: Uber, Swiggy जैसे गिग ऐप्स पर महिलाओं की भागीदारी अब भी कम
ILO-NCAER के अनुसार डिजिटल कौशल, सुरक्षा, आवागमन और सामाजिक बाधाएं महिलाओं को प्लेटफॉर्म कार्य से दूर रखती हैं। 2025 में महिला श्रम-बल भागीदारी करीब 32% रही, जबकि 2029-30 तक भारत में गिग वर्कर्स की संख्या 2.35 करोड़ पहुंचने का अनुमान है।
What happened
ILO-NCAER रिपोर्ट के अनुसार भारत के Uber, Swiggy और Urban Company जैसे ऐप प्लेटफॉर्मों पर महिला भागीदारी कम है। डिजिटल कौशल, सुरक्षा, आवागमन और सामाजिक बाधाएं
Key facts
- भारत में महिला श्रम-बल भागीदारी 2025 में करीब 32% थी, पुरुषों की करीब 78%
- महिला श्रम भागीदारी 50% होने पर वार्षिक आर्थिक वृद्धि में करीब 1 प्रतिशत अंक जुड़ सकता है
- 2029-30 तक गिग वर्कर्स की संख्या 2.35 करोड़ होने का अनुमान
- गिग वर्क से सालाना आर्थिक गतिविधि में करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये योगदान का अनुमान
- 15+ आयु की केवल 56.2% भारतीय महिलाओं के पास मोबाइल फोन है
- केवल 37% महिलाएं ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन कर सकती हैं
Why this matters
सुरक्षा, महिला गतिशीलता, कौशल-प्रशिक्षण और फिनटेक समाधानों वाली कंपनियों के साथ साझेदारी या अधिग्रहण गिग प्लेटफॉर्मों को महिला टैलेंट पूल खोलने में मदद कर सकते हैं।
What to watch
- Swiggy, Uber, Zomato, Urban Company या Ola द्वारा महिला पार्टनर भर्ती, सुरक्षा फीचर या समर्पित सेवा श्रेणी की घोषणा।
- महिला गिग श्रमिकों की सक्रिय हिस्सेदारी, 30/90-दिन प्रतिधारण और औसत आय पर कंपनी या नियामक डेटा।
- राज्य गिग-वर्कर कानूनों में महिला-सुरक्षा, बीमा, सामाजिक सुरक्षा या प्लेटफॉर्म डेटा-रिपोर्टिंग प्रावधान।
- पीक-आवर डिलीवरी शुल्क, ड्राइवर/राइडर इंसेंटिव और प्रति ऑर्डर/ट्रिप योगदान मार्जिन में बदलाव।
- महिला सुरक्षा से जुड़ी उच्च-प्रोफाइल घटनाएं, रेटिंग/विश्वास संकेतक या ग्राहक बहिष्कार।
- महिला श्रम-बल भागीदारी, शहरी महिला रोजगार, सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा और सस्ते दोपहिया वित्त की दिशा।
- महिला पार्टनरों के लिए दिन के समय, सीमित-भौगोलिक दायरे और सुरक्षित पिक-अप/ड्रॉप विकल्पों वाले शिफ्ट उत्पाद विकसित करना।
- 24x7 सुरक्षा हेल्पलाइन, सत्यापित ग्राहक/यात्री पहचान, एसओएस प्रतिक्रिया समय और उत्पीड़न शिकायतों के सार्वजनिक आंतरिक KPI लागू करना।
- डिजिटल कौशल, भाषा सहायता और ऑनबोर्डिंग प्रशिक्षण को स्थानीय महिला स्वयं-सहायता समूहों, एनजीओ और कौशल मिशनों के साथ जोड़ना।
- ईवी/स्कूटर लीजिंग, माइक्रो-क्रेडिट, चाइल्डकेयर समर्थन और आय-गारंटी पायलटों से प्रवेश बाधा कम करना।
- महिला-केंद्रित सेवा मांग बढ़ाने के लिए महिला-ग्राहक प्राथमिकता, घरेलू सेवाओं में महिला प्रोफेशनल विकल्प और कॉर्पोरेट सुरक्षित-आवागमन अनुबंध बढ़ाना।
- शहर-स्तर पर महिला सक्रियता, प्रतिधारण, आय, सुरक्षा घटनाएं और इंसेंटिव लागत को अलग-अलग ट्रैक कर भर्ती बजट पुनः आवंटित करना।