महाराष्ट्र में स्कूल कैंटीन लाइसेंस अनिवार्य; 50 मीटर तक जंक फूड बिक्री पर रोक

महाराष्ट्र FDA ने स्कूलों और 50 मीटर के दायरे में HFSS खाद्य, जंक फूड, एनर्जी ड्रिंक और आइसक्रीम की बिक्री, प्रचार व मुफ्त वितरण सीमित किया है। हर स्कूल कैंटीन को लाइसेंस लेना होगा और साल में कम-से-कम दो निरीक्षण होंगे; असर 2 करोड़ से अधिक छात्रों पर पड़ सकता है।

— Source publishedThu, 30 Jul, 2026, 11:27 IST·First seen Thu, 30 Jul, 2026, 11:53 IST·Source Business Today · Latest

What happened

Maharashtra Food and Drug Administration (FDA) · महाराष्ट्र FDA ने स्कूल कैंटीन के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया और स्कूलों व 50 मीटर दायरे में HFSS, जंक फूड,

Key facts

  • More than 2 crore schoolchildren affected
  • HFSS food sales restricted within schools and a 50-metre radius
  • Each school to be inspected at least twice a year

Why this matters

बड़े फूड-रिटेल और FMCG समूह स्कूल-उन्मुख हेल्दी स्नैक ब्रांडों, कैंटीन प्रबंधन प्लेटफॉर्मों और लाइसेंसिंग-आधारित वितरण क्षमताओं में साझेदारी या अधिग्रहण तलाश सकते हैं।

What to watch

  • FDA द्वारा HFSS, जंक फूड और अनुमत उत्पादों की विस्तृत सूची अथवा पोषण सीमा जारी होना।
  • लाइसेंस अनुपालन की समयसीमा, गैर-अनुपालन जुर्माने और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर परिपत्र।
  • निरीक्षणों की संख्या, लाइसेंस निलंबन, जब्ती और स्कूल-वार प्रवर्तन आंकड़े।
  • प्रतिबंध को 50 मीटर से आगे बढ़ाने, राज्यव्यापी मानकीकरण या अन्य राज्यों द्वारा समान नियम अपनाने के संकेत।
  • स्कूलों के पास ऊर्जा पेय, कार्बोनेटेड पेय, आइसक्रीम और नमकीन की डिस्ट्रिब्यूटर बिक्री में गिरावट।
  • अभिभावक शिकायतों, छात्र मांग और कैंटीन शुल्क/मेनू मूल्य में बदलाव।
  • कैंटीन ऑपरेटर 30-60 दिनों में लाइसेंस स्थिति, मेनू, विक्रेता अनुबंध और FSSAI दस्तावेजों का ऑडिट करें।
  • स्कूल-निकट खाद्य रिटेलर बिक्री बिंदुओं की दूरी मैप कर प्रतिबंधित SKU हटाएं तथा स्वस्थ/अनुमत विकल्पों के लिए अलग प्लानोग्राम बनाएं।
  • ब्रांड ऊर्जा पेय, आइसक्रीम, नमकीन और मीठे पेयों की स्कूल-केन्द्रित प्रमोशन, मुफ्त सैंपलिंग और डिस्ट्रिब्यूटर इंसेंटिव रोककर अनुपालन प्रशिक्षण शुरू करें।
  • संगठित फूडसर्विस कंपनियां स्कूल कैंटीन ठेके के लिए पोषण-अनुकूल मेनू, ट्रेसबिलिटी और निरीक्षण-तैयार मॉडल के साथ बोली बढ़ाएं।
  • खाद्य कंपनियां बच्चों के लिए कम-शुगर, कम-नमक और स्पष्ट पोषण-लेबल वाले उत्पादों की स्थानीय उपलब्धता बढ़ाएं।